नरेंद्र मोदी जी के लिए ये चुनाव आसान नहीं रहने वाला है इस कारण वो अपना पूरा ध्यान इस चुनाव को जितने में लगाने का पूर्ण प्रयास कर रहे हैं जिसकी रूप रेखा हम सब प्रतिदिन सुनते और देखते रहते हैं
अब बात करते हैं चुनाव की तो जो प्रथम 3 चरण के चुनाव में बीजेपी को आसान तरीके से कार्य करने में सफल होगी वही बाकी के 4 चरण में बीजेपी को समर्थन और सहयोग और वोट प्राप्त करने में मेहनत करनी होगी जो आसानी से उपलब्ध नहीं होगी बल्कि नाको चने चबाने जैसा हो सकता है आखरी के 4 चरण मोदी जी को अत्यधिक मात्रा में भागदौड़ वाले चरण होंगे इसका कारण इनकी नीति और रीति बार बार बदलेंगे और चुनाव में रक्त पात भी हो सकता है कुछ संसदीय क्षेत्र में जिसके अप्रत्याशित परिणाम आएंगे
विजय तो तय है नरेंद्र मोदी जी की पर जो 400 पार कहा गया है वो नही होने वाला है बीजेपी खुद का बहुमत हासिल करेगी इस में कोई शक नहीं है लेकिन गत चुनाव की तरह ये चुनाव आसान और सरल कतई नहीं है मोके पर चौका लगाने वाले या मोका परस्ती जैसे काम होते हुए हमको दिखाई देंगे और गठबंधन की सरकार बनेगी