सोमवार, 16 सितंबर 2024

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी का वर्षफल २०२४

 


सर्व प्रथम हमारी तरफ से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।।

अब बात करते हैं इनके वर्ष फल कि ये वर्ष इनके लिए साधारण रहेगा इस कारण इनके व्यवहार और कार्य में आपको बदलाव नजर आएगा ये कार्य प्रणाली में बदलाव भी होगा 

इस वर्ष जो भी महत्वपूर्ण कार्य करने का प्रयास करेंगे वो सफल नहीं होगा वो बीच में ही अटक जायेगा या लंबे समय के लिए टाल दिया जाएगा 

कार्यों में तेजी कम नजर आएगी पर मोदी जी के भाषण में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं होगा वो उसी तरह से अपने कार्य करेंगे 

ये धार्मिक और सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों की तरफ ज्यादा ध्यान देंगे 

कुछ विवाद अनावश्यक रूप से खड़े हो सकते हैं जो इनके व्यवहार और इनके स्वभाव के अनुरूप नहीं होंगे।

चुनाव में भी इनका प्रभाव कम ही नजर आएगा जिसकी वजह से इस बार परिणाम भी आशा के अनुरूप नहीं दिखाई देंगे जो विपक्ष को मोदी जी पर अत्यधिक दबाव डालने का मोका देंगे 

मंगलवार, 10 सितंबर 2024

पितृ पक्ष २०२४

 इस वर्ष पितृ पक्ष 17 सितंबर 2024 से आरंभ हो रहा हैं और 2 अक्टूबर 2024 को आखरी श्राद्ध है।।

पितृ पक्ष की तिथियां :-

@ पूर्णिमा श्राद्ध - 17 सितंबर 2024 (मंगलवार)

@ प्रतिपदा श्राद्ध - 18 सितंबर 2024 (बुधवार)

@ द्वितीया श्राद्ध - 19 सितंबर 2024 (गुरुवार)

@ तृतीया श्राद्ध - 20 सितंबर 2024 (शुक्रवार)

@ चतुर्थी श्राद्ध - 21 सितंबर 2024 (शनिवार)

@ महा भरणी - 21 सितंबर 2024 (शनिवार)

@ पंचमी श्राद्ध - 22 सितंबर 2024 (रविवार)

@ षष्ठी श्राद्ध - 23 सितंबर 2024 (सोमवार)

@ सप्तमी श्राद्ध - 23 सितंबर 2024 (सोमवार)

@ अष्टमी श्राद्ध - 24 सितंबर 2024 (मंगलवार)

@ नवमी श्राद्ध - 25 सितंबर 2024 (बुधवार)

@ दशमी श्राद्ध - 26 सितंबर 2024 (गुरुवार)

@ एकादशी का श्राद्ध - 27 सितंबर 2024 (शुक्रवार)

@ द्वादशी श्राद्ध - 29 सितंबर 2024 (रविवार)

@ मघा श्राद्ध - 29 सितंबर 2024 (रविवार)

@ त्रयोदशी श्राद्ध - 30 सितंबर 2024 (सोमवार)

@ चतुर्दशी श्राद्ध - 1 अक्टूबर 2024 (मंगलवार)

@ सर्वपितृ अमावस्या - 2 अक्टूबर 2024 (बुधवार)


**इस पितृ पक्ष में सभी को अपने पितरों को तर्पण जरूर करे प्रतिदिन सुबह में दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके ।।

**अपने द्वारा जाने अंजाने में हुई भूल और गलती के लिए क्षमा मांगे।।

**अपनी क्षमता के अनुसार ब्राह्मण को भोजन कराएं और दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त करे।।

** मान्यता अनुसार श्राद्ध भोजन में दूध बना कोई भी भोजन जरूर रखें इससे पितृ प्रसन्न होते हैं।।

**गौ माता के भोजन का प्रबंध करे।।

**मान्यता अनुसार अपने से 3 पीढ़ी पूर्व तक के लोगो का श्राद्ध कर्म अवश्य करे।।

**अगर आप क्षमता वान है तो गया श्राद्ध कर्म अवश्य करें इससे पितरो को मुक्ति और शांति प्राप्त होती हैं और पितृ ऋण से मुक्ति मिलती हैं।।

**जिनको अपने पितरों की श्राद्ध तिथि का ज्ञान न हो वो अमावस्या तिथि को उनका श्राद्ध करने का विधान है।।


पाकिस्तान और वर्ष 2026/2027

नमस्कार मित्रों आज हम पाकिस्तान की बात कर रहे है जिसका स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त 1947 है FACEBOOK मूलांक 5 है जो बुध ग्रह का अंक है भाग्यांक...