गुरुवार, 22 जुलाई 2021

गुरु पूर्णिमा और गुरु

गुरु का हमारी सनातन संस्कृति में महत्व पूर्ण स्थान है गुरु को सनातन संस्कृति में ईश्वर के बराबर माना गया है या ये कहे कि ईश्वर की भी उपाधि दी गई है।
पहले गुरु जो होते थे वो हर तरह का ज्ञान(शिक्षा) देते थे उसके साथ वो ईश्वर की शरण या तरफ भी लेकर जाते थे ईश्वर से साक्षात दर्शन भी करवा सकते थे
पर आज के समय में ऐसे गुरु का मिलना बहुत मुश्किल है इस कारण गुरु किसको बनाए तो आप अपने आराध्य देव को भी बना सकते हैं 
भगवान शिव या कृष्ण को आदि गुरु भी माना जाता है आप गुरु पूर्णिमा को इनको गुरु मानकर इनकी आराधना करें और इनके मंत्र का जप करें इससे आप पर आपको गुरु की कृपा के साथ आपको ईश्वर की भी कृपा प्राप्त हो सकती है ।।

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