आज एक बात की जानकारी देने के लिए ये पोस्ट कर रहा हूं वैसे हो सकता है ये बात आप पहले से जानते हो
शनि देव के मंदिर में जाने से पूर्व इस बात का ध्यान जरूर रखें कि वहा पर शनि देव की मूर्ति स्थापित है या शनि देव की शिला स्थापित है
अपने यहां मान्यता है कि शनि देव की दृष्टि को शुभ नही माना जाता है इस कारण उनकी के सामने जाना नही चाहिए
इसी कारण पूर्व में शनि देव के मंदिर और मूर्ति आपका सभी जगह नहीं मिलता था और मिलता था तो उनके घर पर जो उनके दान को लेते थे और उनके घर पर भी शनि देव की मूर्ति नही होती थी उनके घर पर शनि शीला ही स्थापित होती थी जो ऊपर दिए गए चित्र की तरह ही होती थी
अब बात करते हैं शनि देव के मंदिर जाने से पूर्व जानकारी कर ले कि मूर्ति स्थापित है या शनि देव की शिला स्थापित है शनि शीला है तो फिर कोई दिक्कत नहीं है अगर मूर्ति स्थापित है तो उनकी दृष्टि सामने तो नही है आंखे खुली तो नही है और सामने तो नही देख रहे हैं न अगर ऐसा है तो वहा न जाए
ऐसे शनि मंदिर में जाए जहा पर शनि देव की आंखे बंद करके रखें जो या आखे आधी खुली हुई होनी चाहिए इससे उनकी दृष्टि आप पर नही पड़ेगी और आप परेशानी से मुक्त रहेंगे ।।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें