गणेश चतुर्थी के पर्व पर कुछ बातें।।
सर्वप्रथम हमारी तरफ से सभी देशवासियों को गणेश उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।।
आज कल सभी लोग गणेश चतुर्थी पर्व को बहुत ही ज्यादा धूमधाम और हर्षो उल्लास के साथ मनाते हैं
पहले ये पर्व सिर्फ महाराष्ट्र में ही मनाया जाता था पर अब पूरे देश में इसको मनाया जा रहा हैं जिस तरह से महाराष्ट्र में मूर्ति स्थापना और विसर्जन की जाता हैं वैसे ही बाकि देश के राज्यों में भी इस उत्सव के रूप में मनाया जाना शुरू कर दिया है जो कि एक अच्छी बात है
इसी पर्व को मानते समय आपसे कोई गलती न हो और आपको ईश्वर का आशीर्वाद मिले और मनोकामना सिद्ध हो इसके लिए आपको कुछ जानकारी लेकर आपके पास आए हैं।।
1- घर में मूर्ति स्थापना करते समय इस बात का ध्यान रखें कि मूर्ति आपकी दस उंगलियों से बड़ी नही होनी चाहिए।।
2- मूर्ति बैठे हुए और मुस्कुराते हुए गणपति जी की होनी चाहिए।।
3 - मूर्ति में गणपति नाचते हुए या और कुछ करते हुए नही होने चाहिए।।
4 - मूर्ति में गणपति जी की सूंड बाई तरफ होनी चाहिए क्योंकि दाई तरफ सूंड वाले गणपति सिर्फ मंदिर में ही स्थापित होते हैं।।
5 - मूर्ति में गणपति जी का रंग काला लाल और भूरा नहीं हो तो अच्छा रहेगा।।
6 - गणपति की मूर्ति को घर में या बाहर में स्थापित करते समय इस बात का ध्यान रखें कि वहां पर कोई शौचालय, नाली और सीढ़ी जैसा कोई स्थान नहीं होना चाहिए।।
7 - गणपति जी को भोग में फल या मोदक या लड्डू ही लगाए पर तुलसी का उपयोग बिलकुल भी नहीं होता है।।
8 - गणपति जी को नियमित रूप से दूर्वा अर्पित करें।।
9 - इस समय गणपति चालीसा, गणपति संकट नाशक स्तोत्र, अथर्वशीष स्तोत्र का पाठ अवश्य करें।।
10 - गणपति जी की पूजा आराधना करते समय शुद्धता का अवश्य रखें।।
11 - गणपति जी का विसर्जन कमसे कम 3 दिन के बाद ही करें जहां तक हो सके पूरे 10 दिन तक स्थापना रखें और संभव न हो तो 3, 5 और 7 या 9 दिन पर विसर्जन करें।।
12 - गणपति जी पूजा और आराधना का एक समय निश्चित करके ही कार्य करेंगे तो मन वांछित फल मिलता है।।
13 - पूजा और आराधना करने के बाद क्षमा प्रार्थना गणपति जी जरूर करें।।
14 - गणपति जी मूर्ति स्थापना शुभ मुहूर्त में करें जो किसी ज्योतिषी से या अन्य किसी से जान ले और शुभ मुहूर्त न जानकारी हो तो शुभ चौघड़िया देख कर भी कर सकते हैं।।
15 - गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसी मान्यता है इस दिन चंद्र दर्शन करने से अकारण बदनामी और कलंक लगता है और इस दिन अगर चंद्र दर्शन हो जाए तो गणपति जी से क्षमा प्रार्थना करें।।
*****मादक पदार्थों और मांसाहार से दूर रहें तो अच्छा होगा।।
*****वैसे ईश्वर भावना को ध्यान में रखते हैं इस कारण वेभावता में धन व्यय न करें जितनी आपकी आर्थिक स्थिति हो उसी के अनुरूप कार्य करें।।
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